एलर्जी से कैसे करे बचाव

0
119
views

एलर्जी की समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है.कई बार बच्चों में उम्र के साथ एलर्जी का असर कम हो जाता है.तो कई बार बड़े होने पर एलर्जी का लक्षण सामने आते हैं. ऐलर्जी की पहचान शुरुआत में ही कर लेना कई  समस्याओं से बचा जा सकता है.एलर्जी या दूसरे शब्दों में कहें तो बाहरी तत्व के प्रति शरीर में अतिसंवेदनशीलता एक आम समस्या है. पर ऐसे लोगों की बड़ी संख्या जीने. यह नहीं पता होता कि उनके परेशानी का कारण दरअसल एलर्जी है.हमारा शरीर किसी खास पदार्थ के प्रति जब अतिसंवेदनशीलता या कोई तीव्र प्रतिक्रिया दिखाता है तो उसे हमें एलर्जी कहते हैं.एलर्जी इस बात का सीधा संकेत है कि शरीर के प्रतीक्षा प्रणाली कमजोर पड़ जाती है.ऐसे में कुछ परिस्थितियां में हमारा शरीर कुछ खास चीजों को स्वीकार करने से मना कर देता है.


एलर्जी का असर आमतौर पर त्वचा पर दिखाई देता है. पर यह मुंह,नाक,आँतो, फेफड़ा पर भी असर डाल सकती है.शरीर की प्रकृति की जैसी हो उस हिसाब से एलर्जी के अलग-अलग कारण हो सकते हैं.विभिन्न रिपोर्ट के अनुसार 20 से 30 फ़ीसदी भारतीय किसी ना किसी तरह की एलर्जी से पीड़ित पाए जाते हैं.बड़े स्तर पर लोगों को पता ही नहीं होता कि उनकी समस्या किसी चीज की एलर्जी से जुड़ी है.एक शोध के अनुसार देश में एलर्जी के कुल मामले में 34 % को झींगे से 31% को गेहूं से 28 %को दूध से 20 %को बदाम से 25 %को सोयाबीन से 18% अंडे से 17% को नारियल से 10:00% को चिकित्सा और 9:00% लोगों को मछली से एलर्जी देखने को मिलती है.मूंगफली नारियल चॉकलेट और काजू एलर्जी अन्य खास कारक है.

एलर्जी होने के कई लक्षण हो सकते हैं

●नाक बहना
● छीके आना
●आंखों से पानी आना खुजली होना
●त्वचा का लाल होना और चकत्ते पड़ना
●शरीर में खुजली होना
●चेहरे आंखों होठ और जीभ पर सूजन होना
● उल्टी होना
●बुखार होना
●थकान और बीमारी महसूस होना
●सांस फूलना पेट की समस्या पैदा होना
●कुछ विशेष परिस्थितियों में एनालिटिक्स जैसे गंभीर एलर्जी प्रतिक्रिया भी पैदा हो सकती है.जो प्राण घातक साबित हो सकती है.इस में दिए गए लक्षणों के अलावा सांस लेने में परेशानी चक्कर गले और मुंह में सूजन त्वचा आया हार्ट का नीला पड़ना और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.

    कितने तरह के एलर्जी होते हैं

    नाक की एलर्जी  :- नाक की एलर्जी को सर्जरी कराई 9:30 भी कहा जाता है.यह आमतौर पर मौसम बदलते समय परागकणों के कारण होती है.इसके चलते श्वसन नली में सूजन आ जाती है.छीके,नाक में खुजली,नाक बहना या नाक बंद होने जैसे लक्षण पैदा होते है.
    खाद पदार्थों के एलर्जी :-  कई बार कुछ खास पदार्थों के प्रति शरीर अति संवेदनशील हो जाता है. ऐसे में इन पदार्थों को खाते शरीर प्रतिक्रिया देने लगता है.दूध मछली अंडे क्यों मूंगफली से एलर्जी के मामले ज्यादा सामने आते हैं.
    ड्रग एलर्जी :-कुछ दवाएं कुछ लोगों को मासिक नहीं पड़ती है इस कारण शरीर पर चकते दाने हो जाते हैं
    एटॉपिक डर्मेटाइटिस:-एलर्जी रासायनिक प्रदूषण पर्यावरण प्रदूषण और कॉस्मेटिक वगैरह के इस्तेमाल के कारण होती है.इसमें त्वचा में सूजन आ सकती है.
    एलर्जी अस्थमा:-एलर्जी वाले पदार्थों के संपर्क में आने से जब सांस की नली में सूजन  पैदा हो जाती है.तो सांस लेने में दिक्कत होने लगती है.धूल वायु प्रदूषण दूंगा आदि उसके मुख्य कारण है.
    मौसमी एलर्जी:-मौसमी बदलाव से होने वाली एलर्जी में आंखों में पानी आना खुजली चलाना सीखे जैसे लक्षण होते हैं
    फंगल एलर्जी:-कई बार फंगल इन्फेक्शन यानी फफूंदी के वीरानों के कारण एलर्जी प्रतिक्रिया होती है

    एलर्जी से कैसे करें बचाव

    ●धूल से एलर्जी हो तो घर में काली न बिछाए.पर्दे बिस्तर तकिया साफ रखें.
    ●जानवरों के संपर्क में आने से बचे.
    ●फफूंद से होने वाली एलर्जी से बचने के लिए घर को साफ-सुथरा के घर के अंदर कपड़ा ना सुखाये.कूड़े करकट से दूर रहे.
    ●पराग कणों से एलर्जी है तो पार्क ,घास के मैदान खेत में नाक पर कपड़ा रख कर जाएं.
    ●रसायनों के संपर्क में आने से बचे.
    ●जिन खाद पदार्थों से एलर्जी हो.उन्हें खाने से बचें बाजार की जगह घर का खाना खाएं.
    ●दूषित पानी से एलर्जी  पैदा हो सकती है.पानी में मिले केमिकल शरीर में झुर्रियां का कारण बन सकते हैं.स्विमिंग पूल पर के पानी में क्लोरीन ज्यादा होता है.ऐसे में तैराकी के बाद साफ पानी से जरूर जरूर नहाये.

    ●तेज सिर दर्द हो या खुद से कोई दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर को जरूर दिखाए.

    इलाज कैसे करवये

    पहले एलर्जी का स्थाई इलाज नहीं था और इलाज के दौरान दुष्प्रभाव आसंका ज्यादा होती थी पर अब नई पध्दति मे कई तरह के एलर्जी का अस्थाई  इलाज संभव है. एंटीहिस्टामिन , इलेक्ट्रॉनिक जैसी दबाये नेजल कैविटी और स्वसन नलिका की सूजन और जलन को कम करने के लिए अब ज्यादा सुरशित मानी जाती है. ओरल इम्यूनो थेरेपी  पद्धति का इस्तेमाल एलर्जी के लंबे समय तक चलने वाले इलाज में किया जाता है. इससे शरीर धीरे-धीरे रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेता है और नॉन एलर्जी हो जाता है.इस में दबाए और वैक्सीन परिणाम नहीं देते.उनके लिए एलर्जी शॉट को एक अवधि में क्रमवार दिया जाता है.बरहाल खाने पीने से होने वाली एलर्जी में उन खाद्य पदार्थों का पता लगाकर उनका परहेज करना जरूरी होता है.उनका इलाज में कठिनाई आती है

    घरेलू और आयुर्वेदिक उपचार

    ●एंटीबैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करें.
    ●खारिश बहुत रहती है तो नारियल तेल में कपूर मिलाकर त्वचा पर लगाएं.
    ●गाजर चुकंदर और खीरे का जूस पीने से एलर्जी में राहत मिलती है.
    ●नीम के पत्तों को रात में पानी में भिगो दें और सुबह पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगाएं.नीम के एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी त्वचा की एलर्जी ठीक करने में मदद करते हैं.

    ● पानी खूब पियो सुबह गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से विटामिन सी मिलता है जो पुरानी एलर्जी को धीरे धीरे स्थानीय रूप से दूर करता है.
    ●जिन्हें बार-बार त्वचा की एलर्जी होती है उनके लिए नीम की पाँच-सात पत्ते दो – तीन काली मिर्च के साथ चबाकर खाना भी त्वचा रोगों में राहत देगा.
    ●आयुर्वेदिक दवा हरिद्राखंड के सेवन से त्वचा की एलर्जी में फायदा मिलता है.
    ●एक ग्राम गिलोय पाउडर और एक ग्राम सितोपलादि चूर्ण का शहद के साथ सवेरे शाम खाली पेट सेवन करने से नागौर श्वसन तंत्र की एलर्जी में काफी राहत मिलती है.
    ● नाक की एलर्जी बार-बार होती है तो सवेरे खाली पेट दो चम्मच आंवले का रस एक चम्मच गिलोय का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर हर रोज ले.
    ●फलों के जूस अथवा पानी में पाँच – छह बूंद अरंडी का तेल मिलाकर पिये.
    ●रात में सोने से कम से कम 2 घंटे पहले भोजन करें अधिक तला-भुना वह मसालेदार भोजन खाने से बचें.
    ● त्वचा से जुड़ी एलर्जी में त्रिकूट तुलसी लौंग का पुरवा दानिया को बराबर मात्रा में लेकर पाउडर बना लें दिन में दो बार आधा चम्मच गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच गुनगुने पानी के साथ ले.

    अगर आपको भी एलर्जी होती है तो आप इन चीजो से परहेज करे.अगर आपका एलर्जी है तो आप कुछ नियमो का पालन करे.जिससे आपको एलर्जी होने से बच सकते है.

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here